सूत्रों के अनुसार, रिलायंस जियो इन्फोकॉम्स दिवाली के आस पास अपनी होम ब्रॉडबैंड सेवा ‘जिओ फाइबर’ के कमर्शिअल लांच की तैयारी में है, जिसकी कीमतें ब्रॉडबैंड सेवा के बाजार में एक नया घमासान शुरू कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि जिओ फाइबर के शुरूआती प्लान के तहत उपभोक्ताओं को 500 रूपये में 100GB डेटा दिए जाने का प्रस्ताव है। अगर ऐसा होता है तो जिओ ने जैसी हलचल टेलीकॉम सर्विस में मचाई थी, वैसे ही ब्रॉडबैंड सेवा में भी मचना तय है।  (Read in English)

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ऐनालिसिस मेसन के पार्टनर एवं भारत-साउथ एशिया के प्रमुख रोहन धमीजा का कहना है कि ‘निश्चित तौर पर यह खलबली मचाने वाला होगा। जियो की एफटीटीएच ऑफरिंग अन्य कंपनियों के मुकाबले ज्यादा ऊंची कपैसिटी देने वाली है। डेटा स्पीड के मामले में यह दूसरी कंपनियों के डिजिटल नेटवर्क से बेहतर होगी। इस तरह से सप्लाई के मोर्चे पर ज्यादा कपैसिटी और इनोवेटिव प्राइसिंग के साथ यह फिक्स्ड ब्रॉडबैंड बाजार में ठीक उसी तरह से हलचल पैदा कर सकता है जैसा उसने टेलीकॉम बाजार में किया था।’

हाल ही में अन्य ब्रॉडबैंड कंपनियों द्वारा उठाये जा रहे कदमों से तो यही लगता है, कि ये खबरें सच साबित होने जा रही हैं। एयरटेल ने अपने ब्रॉडबैंड प्लान में 1000GB डेटा मुफ्त देना शुरू कर दिया है, एयरटेल भारती का यह ऑफर ‘जिओ फाइबर’ की चुनौती से निपटने की पूर्व तैयारी माना जा रहा है।

इससे पहले बाताया जा रहा था कि जून के महीने में कंपनी इसे लॉन्च करेगी, लेकिन अब इसके सितंबर-अक्टूबर तक लॉन्च होने की संभावना है। फाइबर ऑप्टिक्स का काम कहाँ-कहाँ हो गया है, कितना काम पूरा कर लिया गया है? इस पर अभी तक रिलायंस की ओर से कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, जियो केयर के मुताबिक ‘जिओ फाइबर’ का यह ऑफर मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, अहमदाबाद, जामनगर, सूरत और वड़ोदरा में पहले ही शुरु हो चुका है। जल्द ही इसे अन्य शहरों में भी शुरु करने की तैयारी है।

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बताया ये भी जा रहा है कि कंपनी का फाइबर ब्रॉडबैंड 100 एमबीपीएस की स्पीड देगा, साथ ही कंपनी इसके कमर्शल लॉन्च के साथ उपभोक्ताओं को वाईफाई राउटर भी मामूली और रिफंडेबल कीमतों पर देने का विचार कर रही है।

इन सब बातों का सार यही कहता है कि ‘जिओ फाइबर’ ब्रॉडबैंड के बाजार में अपने प्रतिद्वंदियों से सामने उनके ग्राहकों को बनाये रखने की बड़ी चुनौतियाँ लेकर आ रहा है। पूर्व के अनुभवों से हमें मालूम है कि जिओ की प्राइसिंग उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक और अन्य कंपनियों के लिए आक्रामक रहती हैं; जिसकी वजह से मात्र 170 दिनों में जियो ने रिकॉर्ड 10 करोड़ यूजर्स को अपने साथ मिला लिया था, जो किअन्य कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका था। इस बार ये झटका थोड़ा ज्यादा बड़ा हो सकता है, क्यों कि एक फोन में एक से अधिक सिम कार्ड की सुविधा के कारण काफी उपभोक्ताओं ने अपनी पुरानी सर्विस को छोड़े बिना ही, जिओ को समानांतर उपयोग के लिए अपनाया था। मगर ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में ऐसा विकल्प नहीं है; इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि ‘जिओ फाइबर ब्रॉडबैंड’ को अपनाने वाले अधिकतम उपभोक्ता अपनी पुरानी ब्रॉडबैंड सर्विस को छोड़ सकते हैं। ऐसे में ब्रॉडबैंड बाजार में स्थापित दिग्गज कंपनियों के ऊपर अपनी सर्विस को अच्छा और कीमतों को कम करने का बड़ा दवाब होगा। खैर जो भी हो ब्रांड्स के बीच छिड़े इस ‘प्राइस वॉर’ का फायदा उपभोक्ताओं को होना तय है।

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